मस्तान चौक से सब्जी मंडी तक आज मेहकार की सड़कों पर सूरज का कड़ा पहरा है

 मस्तान चौक से सब्जी मंडी तक आज मेहकार की सड़कों पर सूरज का कड़ा पहरा है 

मेहकार


 पारा 39°C से 40°C के पार पहुँच चुका है, जिससे ऐसा लग रहा है मानो आसमान से आग बरस रही हो


 सड़कों पर खड़ी गाड़ियाँ धूप में तपकर लोहे का दहकता हुआ ढेर बन गई हैं—चाहे टू-व्हीलर हो, ऑटो हो या फोर-व्हीलर, उन्हें हाथ लगाना भी मुश्किल हो गया है


भीड़भाड़ वाले इलाकों में गर्मी का आलम यह है कि दोपहर होते-होते बाजार 'शमशान' की तरह शांत पड़ गए हैं


 इस तपती लू से बचने के लिए मस्तान चौक के दुकानदारों ने अब अनोखे जुगाड़ अपनाए हैं


  सुरक्षा के इंतजाम कपड़ों और बर्तनों की दुकानों के बाहर मोटे पर्दे और छाया के लिए नेट (Green Net) लगाए गए हैं ताकि ग्राहकों और सामान को सीधी धूप से बचाया जा सके


  सब्जी मंडी का हाल सबसे बुरा हाल सब्जी मंडी में है, जहाँ गर्मी की मार से न केवल व्यापारी परेशान हैं, बल्कि ताजी सब्जियां भी मिनटों में कुम्हला रही हैं


 सड़कों पर सन्नाटा चलती-फिरती गाड़ियों के इंजन और बॉडी 40 डिग्री की मार झेल रहे हैं, जिससे लोग केवल मजबूरी में ही बाहर निकल रहे हैं

 एक खास संदेश: सावधानी ही बचाव है


यह तपती धूप और बढ़ता पारा सिर्फ गाड़ियों को ही नहीं, इंसानी हौसलों को भी थका रहा है


 मस्तान चौक की इन गलियों में आज सन्नाटा चीख-चीख कर कह रहा है कि कुदरत के इस रौद्र रूप के सामने थोड़ा ठहर जाना ही बेहतर है


 अपनी गाड़ियों को छाया में रखें और खुद को हाइड्रेटेड—क्योंकि यह गर्मी सिर्फ मौसम नहीं, एक इम्तिहान है